About Yam Dwar

यम द्वार - एक नए जीवन के आरम्भ का द्वार

Yam Dwar

यम द्वार, जिसका मतलब है मृत्यु के देव का द्वार, भगवान् शिव के दरबार कैलाश पर्वत की परिक्रमा का आरम्भिक स्थान स्थान है I तिब्बतन तीथयात्री इसको तरबोचे के नाम से जानते हैं I शिव के अद्भुत संसार के दर्शनों के लिए तीर्थयात्री इसी द्वार में से निकल कर अपनी कैलाश परिक्रमा का आरम्भ करते हैं I यम द्वार या तारबोचे, कैलाश पर्वत के सबसे समीप स्थित दारचेन शहर से तकरीबन 30 मिनट की दूरी पर है I 30 मिनट का दारचेन से यम द्वार या तारबोचे तक का यह सफर गाडी से किया जाता है I कहते हैं की मृत्यु के देव यमराज के आशीर्वाद से इस द्वार से गुजरने वाली हर जीवात्मा नश्वर संसार के सभी दुखों और जीवन के अन्य सभी पापों से मुक्ति प्राप्त करती है I

तिब्बत के बौद्ध धर्मावलम्बी कैलाश को अपनी पवित्र देवी 'डेमचोक' का स्थान मानते हैं I हर वर्ष तिब्बतन तीर्थयात्री तारबोचे पर पुराने प्रार्थना झण्डियों को उतार कर नए प्रार्थना झंडियां लगाते हैं I यह परिवर्तन की प्रथा को वह एक त्यौहार स्वरुप चौथे लुनार मॉस की पूर्णिमा के दिन मनाते हैं I इस पवित्र पर्व पर तिब्बत के कोने कोने से यात्री यहां आते हैं और अपने पारम्परिक तरीके से नाच गाना और पूजा करते हैं I